लेखक के बारे में
Sunil Kaushik
भाषाविद्, दुभाषिया और लेखक, एशिया की भाषाओं के विशेषज्ञ।
Sunil Kaushik एक भाषाविद्, दुभाषिया और लेखक हैं, जो 25 से ज़्यादा वर्षों से भाषाओं के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वे एशिया की भाषाओं के विशेषज्ञ हैं — उन भाषाओं के भी जो कम सिखाई जाती हैं, जापानी और चीनी से लेकर सीमांत इलाकों की पश्तो, दरी और बलोची तक।
उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और जापान फ़ाउंडेशन सहित कई संस्थानों में भाषाओं और पूर्वी एशियाई अध्ययन की शिक्षा पाई है, और 30 से ज़्यादा भाषाओं का अध्ययन किया है — रूसी, जर्मन और फ़्रेंच से लेकर कोरियाई, उर्दू, अरबी और फ़ारसी तक।
उनका करियर फ़िल्मों के अनुवाद और सरकारी प्रतिनिधिमंडलों व अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में दुभाषिया के काम से लेकर खुफिया और सुरक्षा क्षेत्र में वर्षों के शोध और विश्लेषण तक फैला है — ऐसा काम, जिसमें किसी भाषा को सटीक रूप से पढ़ना सचमुच मायने रखता है। इसके साथ-साथ IT और सूचना सुरक्षा में भी उनका लंबा अनुभव है।
यही सब उनकी किताबों को आकार देता है: सीखने वालों को ध्यान में रखकर लिखी गई व्यावहारिक वर्कबुक, जो किताबी उलझनों को हटाकर पाठकों को जल्दी बोलना, पढ़ना और समझना सिखाती हैं — सिर्फ़ कक्षा की थ्योरी पर नहीं, बल्कि असली इस्तेमाल पर आधारित। जब वे लिख नहीं रहे होते, तो अक्सर अपनी सूची में एक नई भाषा जोड़ रहे होते हैं।
एक नज़र में
- साल भाषाओं के क्षेत्र में
- 25+
- भाषाओं का अध्ययन
- 30+
- प्रकाशित किताबें
- 16
वे किन भाषाओं में काम करते हैं
- हिंदी
- अंग्रेज़ी
- रूसी
- फ़्रेंच
- जर्मन
- स्पेनिश
- जापानी
- चीनी
- कोरियाई
- पश्तो
- उर्दू
- अरबी
- फ़ारसी
किताबों से परे काम
अनुवाद और दुभाषिया सेवा
फ़िल्मों और टेलीविज़न के लिए अनुवाद, और सरकारी प्रतिनिधिमंडलों व अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के लिए दुभाषिया का काम।
शोध और विश्लेषण
खुफिया और सुरक्षा क्षेत्र में वर्षों का शोध और विश्लेषण, जहाँ हर शब्द को बिल्कुल सही पढ़ना ज़रूरी होता है।
टेक्नोलॉजी और सुरक्षा
IT और सूचना सुरक्षा में साथ-साथ चलता लंबा करियर — नेटवर्क से लेकर सॉफ़्टवेयर और डेटा टूल्स तक।
किताबें कैसे लिखी जाती हैं
सरल शब्द
छोटे वाक्य और रोज़मर्रा की अंग्रेज़ी। अगर किसी वाक्य को समझाने के लिए टीचर चाहिए, तो उसे दोबारा लिखा जाता है।
हर पेज पर एक-सा लेआउट
हर अक्षर एक ही जगह, एक जैसे हिस्सों के साथ होता है, ताकि आँखें पेज को पहचान लें और दिमाग़ भाषा पर लगा रहे।
असली भाषा
ऐसे वाक्य जो कोई सच में बोले, असली शब्दों के अंदर सुने गए उच्चारण, और परीक्षा का पाठ्यक्रम पंक्ति-दर-पंक्ति।
अंदाज़े की कोई जगह नहीं
हर अभ्यास का जवाब है, हर कठिन ध्वनि के लिए एक चित्र और एक याद रखने वाला शब्द है, और हर किताब में अनुक्रमणिका है।
शेल्फ़ पर भाषाएँ
जापानी और मंदारिन चीनी की किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। एशिया की और भाषाओं की किताबों की योजना है।
सभी किताबें
मीडिया और समीक्षकों के लिए संक्षिप्त परिचय
Sunil Kaushik एक भाषाविद्, दुभाषिया और लेखक हैं, जिन्हें भाषाओं के क्षेत्र में 25 से ज़्यादा वर्षों का अनुभव है, जिसमें अनुवाद, दुभाषिया सेवा तथा खुफिया और सुरक्षा क्षेत्र में शोध और विश्लेषण शामिल हैं। वे एशिया की भाषाओं पर सीखने वालों के लिए व्यावहारिक किताबें लिखते हैं, जिनमें JLPT Kanji सीरीज़ (N5 से N1) और HSK चीनी किताबें शामिल हैं, जिनमें हर शब्द पिनयिन, देवनागरी और IPA में लिखा है।





